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Book Details


बादलों के पार


Subtitle: कविता-संग्रह


Authored By: Balbir Singh


Publisher:  Authorspress


ISBN-13: 978-81-7273-999-7


Year of Publication: 2015


Pages: 106

                                       Binding: Paperback(PB)


Category:  Poetry, Fiction and Short Stories


Price in Rs. 136.50

                             Price in (USA) $. 10.92

                            
Inclusive of All Taxes (After 30% Discount on the Printed Price)

Book Description


Book Contents


 
 

About the Book


 

बादलों के पार के बारे में

अपने सातवें काव्य संग्रह में डा. बलबीर सिंह ने एक आम आदमी की दशा का वर्णन किया है। यधपि कुछ कविताएं समकालीन जीवन के ओछे मूल्यों को रेखांकित करती हैं,  ज्यादातर कविताएं सार्वभौमिक मुददों को ही उठाती हैं। वक्त, मौत, इंसानी रिश्ते ऐसे विषय हैं जो हमेशा आम आदमी को उद्धेलित करते रहते हैं। लेखक का उद्देश्य कोर्इ सामाजिक या राजनीतिक संदेश देना नहीं है। उसकी प्रतिबद्वता सत्य और तथ्य को पाठकों के सामने प्रस्तुुुत करना है। भाषा बिल्कुल सरल, मधुर पर सशक्त एवं प्रभावशाली है। शैली भी किसी फिजूल दिखावे से प्रभावित नहीं है।

अधिकांश कवितांए प्रगीत (लिरिक) के रुप में हैं। प्र्रत्येक कविता एक विषय को लेती है और उसके हर पहलू को गहनता और खूबसूरती से प्रतिपादित करती है। कवितांए हर वर्ग के पाठकों को पसंद आएंगी क्योंकि उनके विषय सार्वभौमिक एवं मानवतावादी हैं।


About the Author


 

लेखक के बारे में

डा. बलबीर सिंह
(हरियाणा साहित्य अकाडमी द्वारा पुरस्कृत लेखक)


डा. बलबीर सिंह
बी.एस.सी, डी.डी.ए, एम.ए.; (अंग्रेजी व दूर. शिक्षा),
एम.एड., पी.एच.डी.; अंग्रेजी

प्रिंसिपल,
राजकीय  महाविधालय,
इसराना, (पानीपत)




डा. बलबीर सिंह; जन्म 1956, जाटल, पानीपत, हरियाणाद्ध 1980 में कुरुक्षेत्र से एम. ए. करके विभिन्न राजकीय महाविधालयों में अंग्रेजी विभाग में शिक्षण कार्य करते रहें हैं। 2001 में महर्षि दयानन्द विश्वविधालय से पी.एच.डी की उपाधि प्राप्त की। 2002 में इंडियन इंस्टीटयूट आफ एडवांस्ड स्टडी, शिमला के एसोसिएट चुने गए। अंग्रेजी और हिन्दी की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कविताएं प्रकाशित हो चुकी हैं। 2013 में प्रकाशित इनके अंग्रेजी नावल एन अनविडिड गार्डन को  हरियाणा साहित्य अकाडमी द्वारा पुरस्कृत किया गया। आजकल राजकीय  महाविधालय, इसराना, (पानीपत) में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं।

डा. बलबीर सिंह बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं और अंग्रेजी व हिन्दी दोेनों भाषाओं पर सशक्त पकड़ रखते हैं। फिर भी वे मूलत: अंग्रेजी साहित्य के पठन-पाठन से करीब पैंतीस सालों से जुड़े हैं। स्वाभाविक तौर पर इनके साहित्य पर अंग्रेजी साहित्य का गहरा प्रभाव है।