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Book Details


Hindi Ki Sahityethar Bhumika



Authored By: Santosh Alex


Publisher:  Authorspress


ISBN-13: 9789387651562


Year of Publication: 2018


Pages: 184

                                       Binding: Paperback(PB)


Category:  Literary Criticism & Theory


Price in Rs. 560.00

                             Price in (USA) $. 44.8

                            
Inclusive of All Taxes (After 30% Discount on the Printed Price)

Book Description


Book Contents


 
 

About the Book


 

संतोष अलेक्‍स

जन्‍म:     1971 को केरल के तिरूवल्‍ला में। द्विभाषी कवि एवं बहुभाषी अनुवादक। 31 किताबें प्रकाशित जिसमें कविता, अनुवाद एवं आलोचना शामिल है। 25सालों से अनुवाद के क्षेत्र में कार्यरत। हिंदी, अंग्रेजी, मलयालम, तमिल एवं तेलुगुभाषाओं में अनुवाद त‍था सृजनात्‍मक लेखन।

शिक्षा:     एम.ए., पी.एच.डी (हिन्‍दी)

प्रकाशन:

          मौलिककिताबें

          मलयालम में दो काव्‍य संग्रह -दूरम(2008), जानणिनेक्कओरूगजल(2013)हिंदीमेंदोकाव्यसंग्रह- पांवतलेकीमिटटी(2008), हमारेबीचकामौन(2013)केदारनाथसिंहएवंके.सच्च्दिानंदनकीकविताओंमेंमानववाद(आलोचना2015), अनुवाद:प्रकियाएवंव्यावहारिकता(आलोचना 2016)हिंदीकीसाहित्येतरभूमिका(संपादन 2018)

          प्रमुखअनूदितकिताबें

          मलयालम से हिन्‍दी:शुरूआतें-सच्च्दिानंदनकीकविता(2004), देहांतर - सावित्रीराजीवनकीकविता(2004), चिडि़याकीमहक - माधवीकुटटीकीकहानियां(2005), सिद्धार्थ - हेरमन हेस्‍से का उपन्‍यास (2006), अलीगढ़काकैदी-पुनत्तिलकुंजअब्दुल्लाकाउपन्यास(2006), समकालीनमलयालमकहानियां(2009), खामोशमुहूर्तमें-एअयप्पनकीकविता(2011)अदृश्यतंबुओंमें - सेबास्टियनकीकविता(2015)तेलुगुसेहिन्दी:बारिशथमगई - एल।आरस्वामीकीकहानियों(2005)अंग्रेजीसेहिन्दी:कविताकेपक्षमेंनहीं- जयंतमहापात्रकीकविता(2009)हिंदीसेअंग्रेजी:शेल्टरफ्रामदरेन - एकांतश्रीवास्तवकीकविता(2007)मलयालमसेअंग्रेजी:Women poets of Kerala New Voices (2014)हिंदीसेमलयालम:केदारनाथसिंगिंडेकवितकल(2016), समकालीकहिंदीकवितकल(2017)

पुरस्‍कार:   पंडित नारायण देव पुरस्‍कार, भारतीय अनुवाद परिषद का द्विवागीश पुरस्‍कार, तलशेरी राघवन मास्टर स्‍मृति कविता पुरस्‍कार, प्रथम सृजनलोक सम्‍मान एवं साहित्‍य रत्‍न पुरस्‍कार।

संप्रति:    कोचिन में मात्स्यिकी विभाग में सहायक मुख्‍य तकनीकी अधिकारी।

ई मेल:    drsantoshalex@gmail.com

मोबाइल:   8281588229

 


About the Author


 

हिंदी भाषा को लेकर अब तक हज़ारों किताबें प्रकाशित हो चुकी है, खासकर उसके साहित्यिकपहलूओं को लेकर। हिंदी हमारी राजभाषा और राष्‍ट्रभाषा है। लेकिन हिंदी का साहित्यिक रूप इन दोनों से भिन्‍न है। हिंदी की भिन्‍न साहित्यिक विधाओं में कहानी, कविता, नाटक आलोचना, अनुवाद आदि पर विद्वानों ने किताबें लिखी है। यहीं नहीं प्रयोजनमूलक हिंदी, हिंदी व्‍याकरण, अनुवाद व्‍याकरण आदि पर भी किताबें उपलब्‍ध है। इन सबकाहोते हुए भी हिंदी की एक अन्‍य भूमिका है जिस पर अधिक काम नहीं हुआ है, वह है हिंदी की साहित्‍येतर भूमिका।

आज हिंदी विश्‍व की दूसरी सबसे बोली जानेवाली भाषा बन गई है। ऐसे में हिंदी का यह स्‍थान केवल साहित्यिक दृष्टि से प्राप्‍त नहीं हुई अपितु हिंदी का एक साहित्‍येतर पक्ष भी है। यह पक्ष उतना ही महत्‍वपूर्ण है जितना उसका साहित्यिक पक्ष। इस पुस्‍तक में हिंदी की साहित्‍येतर भूमिका पर आलेख शामिल है जहां हिंदी का नया रूप देखा जा सकता है। यह हिंदी अपने आप में अलग है जिसे नकारा नहीं जा सकता।

इस किताब के लिए जिन लेखकों ने आलेख दिए उनके प्रति मैं शुक्रिया अदा करता हूं जिनके बिना यह किताब संभव नहीं थी। आर्थस प्रेस प्रकाशन के सुदर्शन केचेरी जी का आभार कि उन्‍होंने किताब को प्रकाशित करने का बीड़ा उठाया। उम्‍मीद है कि यह किताब सुधी पाठकों को पसंद आएगी और इस पर बहस एवं चर्चाएं होंगी।