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Book Details


Prakriti Ke Aanchal Mein



Authored By: Shubhendu Heer


Publisher:  Authorspress


ISBN-13: 9789389110234


Year of Publication: 2019


Pages: 108

                                       Binding: Paperback(PB)


Category:  Poetry, Fiction and Short Stories


Price in Rs. 206.50

                             Price in (USA) $. 16.52

                            
Inclusive of All Taxes (After 30% Discount on the Printed Price)

Book Description


Book Contents


 
 

About the Book


 

सफर मिलो का हैं पहुचने मे वक्त लगेगा

कहानी मेरी कवितओ की है समझने मे वक्त लगेगा

प्रकृति मे मेरी रूचि तब बढने लगी जब मैं इस दुनिया से उबने लगा मुझे ऐसा लगा जैसे प्रकृति मुझ से कुछ कह्ना चाह्ती हो मैं उसकी ओर खिचा जा रहा था।मुझे ऐसा लगता,प्रकृति मे एक ऐसी शांति है जिसको रब्ब ने बडी खुबसूरती से बनाया है ओर इन्सान उस को नजरअनदाज कर जीवन के कार्य मे व्यस्त हैं । इन्सान सकून भरी ज़िंद्गी ढूढ रहा है जो हमे यह प्रकृति दिखा रही है।यह प्रकृति है तो हम है नही तो हमारा कोई बजूद नही है प्रकृति ह्मे सब दिखा रही है प्रकृति मे एक ठहराव है,प्रकृति मे ईश्वर है प्रकृति के आँचल में सब है।जिसमे मैंने बृक्ष की कहानी, जंगल,मैं और मेरी ख़ामोशी,आत्मा, मुर्शिद, समंदर को नदी का इंतज़ार, सन्नाटा, धर्मशाला का क्रिकेट मैदान, जिंद्गी, सृषटी, ढ्लती उम्र, वक्त सीखा रहा। बहुत सी ऐसी कविताए जो यह मेरी किताब आपको सब बता रही है।


About the Author


 

शुभेंदू हीर (जन्म मार्च 01, 1991) को एक किसान परिवार मध्य वर्ग मे गाव सुन्ही तहसील बडोह जिला कागडा हिमाचल प्रदेश मे एक अच्छे पढे-लिखे परिवार मे हुआ।मैं बचपन से अध्यात्मिक, साहित्य, चित्रकला मे रुचि रखता हू । मेरी प्रारम्भ कि पढाई गाव के स्कूल सुन्ही से हुई ओर फिर बाद मे मैंने स्नातक कला कि पढाई सरकारी कालेज धर्मशाला से प्राप्त की । उसके उपरांत मैंने बी.एड की शिक्षाज्ञान जोति कॉलेज से ग्रहण की। ओर मैंने अपनी स्नातकोत्तर अंग्रेजी साहित्य मे सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़धर्मशाला हिमाचलप्रदेशसेग्रहण की।यह बह समय था जब मैं कविताओ की ओर, और ज्यादाआकर्षित हो रहा था उस समय तक मेने काफी कविताए लिखी । ओर आज के समय मे भी लिख रहा हू। मैंने सितम्बर 2018 से जनवरी 2019 मे केन्द्रीय विद्यालय योल कैंटकागडा मेअंग्रेजीप्रवक्ता के पद पर कार्य किया । ओर आगे सरकारी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा हू।