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Book Details


Boond Boond Shabd



Authored By: Manjit Manvi


Publisher:  Authorspress


ISBN-13: 9789352074891


Year of Publication: 2017


Pages: 118

                                       Binding: Paperback(PB)


Category:  Poetry, Fiction and Short Stories


Price in Rs. 206.50

                             Price in (USA) $. 16.52

                            
Inclusive of All Taxes (After 30% Discount on the Printed Price)

Book Description


Book Contents


 

सरल प्रवाहमयी भाषा, मार्मिक बिम्ब और उपमाएँ, प्रतिगामी सामाजिक ढांचों, परम्पराओं, शास्त्रों के प्रतिरोध में चिन्हित की गई विषयवस्तु और एक तरह की गीतात्मकता मनजीत की लेखन शैली की विशेषता है। उनकी कविता मे अभिधा और व्यंग्य, गीतात्मकता और वर्णनात्मकता (जो इतिवृतात्मक नहीं है) निजी और सामाजिक एक स्वाभाविक प्रवाह के साथ मौजूद हैं। इनका संबंध एक समाजोन्मुख निजता से है जिसमे वैयक्तिकता अर्जित करने का आग्रह है। वही वैयक्तिकता जो नागरिक मनुष्य का आधार है और स्त्रियों के लिए वर्जित रही है। सामाजिक दोगलेपन, भेदभाव, पुरुषवाद और ‘कमज़ोर’ के उत्पीड़न के खिलाफ एक परिपेक्ष्य इन कविताओं मे मौजूद है। ये कविताएं कई बार नवजागरण के दौरान रचे गए गीतों और कभी कभी उर्दू के प्रवाहमय द्वन्दों की याद दिलाती हैं। (‘जटाजाल’,‘एक बूंद के मायने’,‘निकृष्टतम पाठ’) लेकिन ये निश्चित रूप से आगे की कविता है जिसमे समकालीन यथार्थ और उसके लिए एक चुनौती मौजूद है। यह संग्रह मनजीत मानवी के समृद्ध काव्य अभिव्यक्ति के प्रति आश्वस्त करता है। 

 

About the Book


 

सम्प्रेषण और संवाद हर दौर मे इंसान की बुनियादी ज़रूरत रहे हैं। फिर क्यों दिल की बात सच्चाई के साथ दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाना और दूसरे व्यक्ति की बात स्वयं पूरी तरह सुन पाना आज इतना दुर्लभ हो चला है। तकनीक प्रधान इस युग मे संवाद के तौर तरीके भी मानवीय सार की अनदेखी कर तकनीकी दाव पेच मे अधिक सिमटते जा रहें हैं ।  चारों तरफ ठन ठन बजते खाली शब्दों की भरमार है जब कि मन सीधी सच्ची बात कहने सुनने को तरसता है। कविता एक ऐसा माध्यम है जो शब्दों को न केवल उचित संदर्भ, बल्कि संवेदना और संयम की कसौटी भी प्रदान करता है। सही शब्द की तलाश कविता की एक मूल ज़िम्मेदारी है। कविता न केवल मन के भावों को कागज़ पर उकेरती है, बल्कि अपनी सटीक और ईमानदार अभिव्यक्ति के ज़रिये उन तमाम छिपी हुई जगहो, टकरावों और संभावनाओं को भी बेबाकी से हमारे बीच लाती है जो रोज़मर्रा की भाग दौड़ मे हम अनेक बार देख नहीं पाते हैं। और इस तरह मन की बात कहने के साथ साथ कविता, समाज की विभिन्न जटिलताओं से सीधा संवाद कायम करते हुए, अपनी सामाजिक राजनैतिक ज़िम्मेदारी भी बखूबी निभाती है। यही कविता का मर्म है, और यही इसकी ताकत भी!

 

मेरा दूसरा कविता संग्रह “बूँदबूँदशब्द” इसी दिशा मे एक छोटा सा प्रयास है। एक ऐसे दौर मे जब अभिव्यक्ति पर चारों ओर से हमला है, दबी कुचली व अनकही बातों का सुनना सुनाना, नित नए शब्दों का बुना जाना और मन की सच्चाई का पूरी निर्भयता और गरिमा के साथ सामने आना ही इंसान और इंसानियत मे यकीन को बचाए रख सकता है।

 

 

 


About the Author


 

डॉ. मनजीत राठी

प्रोफेसर, अँग्रेजी विभाग, महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक

लगभग 30 वर्षों से अध्यापन कार्य तथा सीखने- सिखाने की प्रक्रिया से अंतरंग संबद्दता। 

 

वर्ष 1990 से साक्षरता/ उत्तर साक्षरता आंदोलन, महिला आंदोलन और

ज्ञान विज्ञान आंदोलन मे स्त्रोत व्यक्ति व कार्यकर्ता के रूप मे सक्रिय। 

लेखन, गीत- नाटक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों मे विशेष रुचि, कई पत्रिकाओं के सम्पादन कार्य से संबंध।   

समय समय पर दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से कविताएँ तथा वार्ताएं प्रसारित। जनवादी लेखक संघ से लंबे समय से जुड़ाव। विभिन्न कवि सम्मेलनों व गोष्ठियों मे भागेदारी।

 

अनेक लेख, शोध पर्चे, गीत, कविताएँ, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय जरनल्ज़ मे प्रकाशित   

 

सामाजिक-सांस्कृतिक व लेंगिक मुद्दों तथा मास मीडिया के क्षेत्र मे उल्लेखनीय शोध कार्य; इस क्षेत्र मे शोध संस्थानो व ज़मीनी गतिविधियों से निरंतर संबंध

 

‘मास मीडिया’ व स्त्री विमर्श संबंधित कई राष्ट्र स्तरीय समितियों की सदस्य। समाज सुधार व महिलाओं के मुद्दों पर निरंतर चिंतन, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों मे भागेदारी, ज़मीनी स्तर पर सार्थक हस्तक्षेप। 

 

कविताओं का प्रथम संग्रह “जब कोई दस्तक देता है” 2012 मे प्रकाशित,

“मेरी नज़र, मेरा बयान: जीवन के रंग पाँच कवयित्रियों के संग” में कविताएं शामिल;

तीन अन्य पुस्तकें प्रकाशित: “महिलाएं और हिंसा”,“विमेन, मीडिया ऐंड सोसाइटी” तथा“कान्सैप्ट ऑफ ऐबसरडिटी एंड रिबेलियन इन दी नोवेल्स ऑफ सौल बेलो”;

 

तीन अन्य पुस्तकों का सम्पादन।

 

कविताओं का यह दूसरा संग्रह !

 

पता: मकान नंबर : 957, सेक्टर 3

एच यू डी ए (हुड्डा) रोहतक -124001

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